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मजदूर हिन्दी कविता उपहार उफ! अब ये चाँद क्यों उदास है ? शायद इसको मिलन की पिपास है उत्सुकता है उस की इसे इसलिए व्यग्र है और ये उदास है । किसान धरा है धरा दया क्यू है किसलिए है छाया हरियाली ये इंसान शाहेद्द जीवन उदास विदेश अश्रु पावन

Hindi धरा है उदास Poems